[TODAYछत्तीसगढ़ ] / केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी आज रायपुर में है। वे यहां राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार वितरण समारोह में हिस्सा लेने पहुंची हैं। कार्यक्रम में 14 राज्यों के 35 शिल्पकारों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऐसी धरा पर आना सौभाग्य की बात है। देश के विभिन्न संस्कृतियों की झलक और कला का प्रदर्शन देखने को मिला। इस कार्यक्रम के माध्यम से कच्छ से लेकर कन्याकुमारी तक की संस्कृतियों को समझने का अवसर मिला। ईरानी ने कहा कि कई कलाकारों ने अपनी कला के लिए अपना जीवन आहूत कर दिया है।
ईरानी ने कहा कि हमारे देश में पीएम मोदी के काल में शिल्पकारों को पहचान मिली है। पिछले चार सालों में एक लाख 1 लाख 26 हजार करोड़ का समान देश के बाहर निर्यात हुआ है। इससे साफ है कि विश्व ने हमारे शिल्पकारों की आर्थिक ताकत को सम्मान दिया है। उन्होंने कहा कि नेशनल ओपन स्कूल या नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी से शिक्षा हासिल करने वाले शिल्पकार या उनके बच्चों का फीस केंद्र सरकार वहन करेगी। साथ ही केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर शिल्पकार अपनी शिक्षा या बच्चों को शिक्षा दिलाना चाहे तो भारत सरकार 50 से 75 प्रतिशत तक की सहायता राशि दी जाएगी। हमने मुद्रा योजना के माध्यम से शिल्पकारों को आर्थिक बल देने का काम किया है।
इस मौके पर सीएम रमन सिहं भी मौजूद रहे। सीएम ने कहा कि हमने छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्तर के संस्थान और ऑडिटोरियम तैयार किए हैं। जिससे आपको लगे कि दिल्ली में ही कार्यक्रम हो रहा है। शिल्पकार हमारी कला और संस्कृति के संवाहक हैं। जो हमारी कला को जीवित रखे हुए हैं। सीएम ने कहा कि हमने कला को बाजार मुहैया कराने के लिए देश के कई शहरों में एम्पोरियम बनाये गए हैं। माटी कला बोर्ड का गठन किया गया है। छत्तीसगढ़ हाट बनाया हैं और वहां 48 दुकान हमेशा खुले रहते हैं। सीएम ने कहा कि माटी कला हस्त शिल्प कला की ट्रेनिंग राज्य सरकार की तरफ से दी जाती है । इसके तहत 3 लाख तक लोन और डेढ लाख रुपए तक अनुदान दिया जाता है।
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[TODAYछत्तीसगढ़ ] / छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कामर्स में चल रहे आपसी खींचतान के बीच चेम्बर अध्यक्ष जितेंद्र बरलोटा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वहीं पर्युषण पर्व पर उन्होंने एक पोस्ट जारी कर क्षमा याचना की है। चेम्बर ऑफ कामर्स में चल रहे घमासान के बीच हाल ही में कांग्रेस के महाबंद को समर्थन दिए जाने के बाद यह घमासान कुछ ज्यादा ही बढ़ गया था। चेम्बर सूत्रों की माने तो कांग्रेस के महाबंद को छत्तीसगढ़ चेम्बर आफ कामर्स ने यह कहते हुए अपना पूर्ण समर्थन दिया था कि यह जनहित का मुद्दा है, लिहाजा चेम्बर ने इस बात का पक्ष लेते हुए बंद को समर्थन दिया था। --------------------
[TODAYछत्तीसगढ़ ] / भाजपा कार्यसमिति की बैठक शुक्रवार को एकात्म परिसर में हुई, जिसमें विधानसभा चुनाव सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई है। बैठक में अमित शाह और पीएम के दौरे को लेकर भी बात की गई। बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए रमन सिंह ने कहा कि इस बार किसे टिकट मिलेगी और किसे नहीं इसका फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष से चर्चा के बाद लिया जाएगा।------------------------
[TODAYछत्तीसगढ़ ] / मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में प्रदेश व्यापी अटल विकास यात्रा कल 15 सितम्बर से फिर शुरू हो रही है। डॉ. रमन सिंह 15 और 16 सितम्बर और 18, 19 तथा 20 सितम्बर को प्रदेश के तीन राजस्व संभागों – बस्तर , सरगुजा और बिलासपुर के पन्द्रह जिलों के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करेंगे, साथ ही वहां आमसभाओं को सम्बोधित कर सरकार की उपलब्धियों को जनता के बीच रखेंगे। इस दौरान रमन सिंह विभिन्न निर्माण कार्याें का लोकार्पण और भूमिपूजन भी करेंगे।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कल 15 सितम्बर को राजधानी रायपुर से सवेरे 10.40 बजे हेलीकाप्टर द्वारा रवाना होकर 11.40 बजे कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर पहुंचेंगे और वहां की आमसभा में लगभग 170 करोड़ रूपए के विकास कार्योंे की सौगात जनता को दंेगे। वे इस कार्यक्रम के बाद वहां से हेलीकाप्टर द्वारा कोण्डागांव जिले के ग्राम माकड़ी आएंगे और वहां आमसभा के बाद हेलीकाप्टर से अपरान्ह 3.40 बजे बस्तर (जगदलपुर) जिले के ग्राम तारापुर पहुंचकर आमसभा को सम्बोधित करेंगे। डॉ. सिंह तारापुर से विकास रथ में रवाना होकर बस्तर (जगदलपुर) जिले के ग्राम करीतगांव, धोबीगुड़ा और आसना की स्वागत सभाओं में जनता को सम्बोधित करने के बाद शाम 6.45 बजे जिला और संभागीय मुख्यालय जगदलपुर पहुंचेंगे। डॉ. सिंह वहां आदिवासी समाज के मांझी-मुखियों और चालकियों के सम्मेलन को सम्बोधित करेंगे। डॉ. सिंह रात्रि विश्राम जगदलपुर में करेंगे और अगले दिन 16 सितम्बर को वहां प्रेस कॉन्फ्रेंस तथा जनप्रतिनिधियों तथा प्रबुद्ध नागरिकों से मुलाकात के बाद सवेरे 11 बजे हेलीकाप्टर द्वारा रवाना होकर 11.30 बजे दंतेवाड़ा जिले के ग्राम बारसूर आएंगे।
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[TODAYछत्तीसगढ़ ] / छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल शुक्रवार को रतनपुर मार्ग पर हुई एक सड़क दुर्घटना में बाल-बाल बच गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि न्यायमूर्ति श्री अग्रवाल सुबह सवा 7 बजे अपने परिजनों के साथ कार सीजी 10 एडी 1500 में सवार होकर रतनपुर जा रहे थे। इसी दौरान सुबह लगभग आठ बजे बिलासपुर-रतनपुर मार्ग पर मदनपुर गांव के निकट सामने से आ रहे एक ट्रेलर क्रमांक सीजी 12 एस 1422 ने उनकी कार को टक्कर मार दी। बताया गया है कि मुख्य सड़क पर करीब दो फिट गड्ढा था, जिस पर पानी भरा हुआ था। उस गड्ढे में ट्रेलर का चक्का के जाने से चालक नियंत्रण खो गया और हादसा हो गया। इस हादसे से न्यायमूर्ति श्री अग्रवाल व उनके परिजन पूरी तरह सुरक्षित रहे। लेकिन कार का पिछला हिस्सा व टायर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। ट्रक को जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना के बाद न्यायमूर्ति श्री अग्रवाल परिजनों के साथ फालो वाहन से रतनपुर रवाना हो गए।
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[TODAYछत्तीसगढ़ ] / पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पदस्थ एक एएसआई ने बीती रात अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मृत्यु से पूर्व उसने चार पन्ने का सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उसने लिखा है कि उसकी आरक्षक पत्नी का कई लोगों से अवैध संबंध है। बार-बार समझाइश देने के बाद भी वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रही है, जिसके कारण उनके बीच रोजाना विवाद हो रहे हैं। इस वजह से वह अत्यंत परेशान है और उसे खुदकुशी करनी पड़ रही है। कोतवाली पुलिस ने पंचनामा के बाद शव को पीएम के लिए भिजवा दिया है। वहीं घटना स्थल से सुसाइड नोट बरामद कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, उमेश भारद्वाज जिले के एसपी कार्यालय में एएसआई के पद पर पदस्थ था। अपने घर में आए दिन हो रहे विवाद को लेकर वह काफी परेशान रहता था। बताया जा रहा है कि उमेश और उसकी आरक्षक पत्नी शीला के बीच आए दिन विवाद की स्थिति बनी रहती थी, जिससे त्रस्त होकर उमेश ने जांजगीर के आईबी रोड स्थित अपने निवास में बीती रात फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। इस दौरान घर पर वह अकेला ही था। एएसआई उमेश ने खुदकुशी करने से पहले चार पन्ने का सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें साफ तौर पर लिखा गया है कि वह अपनी आरक्षक पत्नी की हरकतों से त्रस्त होकर आत्महत्या कर रहा है। सुसाइड नोट में यह भी उल्लेखित है कि उसकी पत्नी के कई लोगों से अवैध संबंध हैं, जिसे लेकर उनके बीच आए दिन विवाद होता रहा है। बार-बार समझाइश देने के बाद भी वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रही है। इससे समाज में उसकी बदनामी हो रही है, जिसके कारण उसके समक्ष खुदकुशी के अलावा और कोई रास्ता नहीं है। बहरहाल, कोतवाली पुलिस ने मृतक के शव को अपनी अभिरक्षा में लेकर पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। वहीं मौके से बरामद सुसाइड नोट के आधार पर मामले की छानबीन कर रही है। बताया जा रहा है कि एएसआई उमेश भारद्वाज ने बीती रात घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। इसके पहले उसने चार पन्ने का सोसाइड नोट वाट्सएप के कई गु्रपों में पोस्ट किया। इधर, पोस्ट देखकर घटना के कुछ देर बाद ही उसके कुछ दोस्त उससे मिलने के लिए घर पहुंचे, तब घर का दरवाजा अंदर से बंद था। दोस्तों ने किसी तरह दरवाजा खोला तो उनके होश उड़ गए। सामने उमेश का शव फांसी के फंदे पर लटकता दिखा। उमेश के दोस्तों को यकीन नहीं हो रहा था कि उसकी मौत हो गई है, इसलिए वे उसे तुरंत जिला अस्पताल लेकर गए, जहां ड्यूटी में तैनात डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
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[TODAYछत्तीसगढ़ ] / छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल शुक्रवार को रतनपुर मार्ग पर हुई एक सड़क दुर्घटना में बाल-बाल बच गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि न्यायमूर्ति श्री अग्रवाल सुबह सवा 7 बजे अपने परिजनों के साथ कार सीजी 10 एडी 1500 में सवार होकर रतनपुर जा रहे थे। इसी दौरान सुबह लगभग आठ बजे बिलासपुर-रतनपुर मार्ग पर मदनपुर गांव के निकट सामने से आ रहे एक ट्रेलर क्रमांक सीजी 12 एस 1422 ने उनकी कार को टक्कर मार दी। बताया गया है कि मुख्य सड़क पर करीब दो फिट गड्ढा था, जिस पर पानी भरा हुआ था। उस गड्ढे में ट्रेलर का चक्का के जाने से चालक नियंत्रण खो गया और हादसा हो गया। इस हादसे से न्यायमूर्ति श्री अग्रवाल व उनके परिजन पूरी तरह सुरक्षित रहे। लेकिन कार का पिछला हिस्सा व टायर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। ट्रक को जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना के बाद न्यायमूर्ति श्री अग्रवाल परिजनों के साथ फालो वाहन से रतनपुर रवाना हो गए।
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[TODAYछत्तीसगढ़ ] / पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पदस्थ एक एएसआई ने बीती रात अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मृत्यु से पूर्व उसने चार पन्ने का सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उसने लिखा है कि उसकी आरक्षक पत्नी का कई लोगों से अवैध संबंध है। बार-बार समझाइश देने के बाद भी वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रही है, जिसके कारण उनके बीच रोजाना विवाद हो रहे हैं। इस वजह से वह अत्यंत परेशान है और उसे खुदकुशी करनी पड़ रही है। कोतवाली पुलिस ने पंचनामा के बाद शव को पीएम के लिए भिजवा दिया है। वहीं घटना स्थल से सुसाइड नोट बरामद कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार, उमेश भारद्वाज जिले के एसपी कार्यालय में एएसआई के पद पर पदस्थ था। अपने घर में आए दिन हो रहे विवाद को लेकर वह काफी परेशान रहता था। बताया जा रहा है कि उमेश और उसकी आरक्षक पत्नी शीला के बीच आए दिन विवाद की स्थिति बनी रहती थी, जिससे त्रस्त होकर उमेश ने जांजगीर के आईबी रोड स्थित अपने निवास में बीती रात फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। इस दौरान घर पर वह अकेला ही था। एएसआई उमेश ने खुदकुशी करने से पहले चार पन्ने का सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें साफ तौर पर लिखा गया है कि वह अपनी आरक्षक पत्नी की हरकतों से त्रस्त होकर आत्महत्या कर रहा है। सुसाइड नोट में यह भी उल्लेखित है कि उसकी पत्नी के कई लोगों से अवैध संबंध हैं, जिसे लेकर उनके बीच आए दिन विवाद होता रहा है। बार-बार समझाइश देने के बाद भी वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रही है। इससे समाज में उसकी बदनामी हो रही है, जिसके कारण उसके समक्ष खुदकुशी के अलावा और कोई रास्ता नहीं है। बहरहाल, कोतवाली पुलिस ने मृतक के शव को अपनी अभिरक्षा में लेकर पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। वहीं मौके से बरामद सुसाइड नोट के आधार पर मामले की छानबीन कर रही है। बताया जा रहा है कि एएसआई उमेश भारद्वाज ने बीती रात घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। इसके पहले उसने चार पन्ने का सोसाइड नोट वाट्सएप के कई गु्रपों में पोस्ट किया। इधर, पोस्ट देखकर घटना के कुछ देर बाद ही उसके कुछ दोस्त उससे मिलने के लिए घर पहुंचे, तब घर का दरवाजा अंदर से बंद था। दोस्तों ने किसी तरह दरवाजा खोला तो उनके होश उड़ गए। सामने उमेश का शव फांसी के फंदे पर लटकता दिखा। उमेश के दोस्तों को यकीन नहीं हो रहा था कि उसकी मौत हो गई है, इसलिए वे उसे तुरंत जिला अस्पताल लेकर गए, जहां ड्यूटी में तैनात डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
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