[TODAY छत्तीसगढ़] / कांग्रेस भवन में लाठीचार्ज की घटना को चार महीने बीत गए, जबकि तत्कालीन सरकार ने तीन महीने के भीतर जाँच रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए थे। घटना के चार महीने बीत जाने के बाद अब जाकर दंडाधिकारी जांच की न्यायालीयन प्रक्रिया प्रारंभ हो रही है। शुक्रवार से अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी के कोर्ट में गवाही शुरू हो रही है। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कोर्ट ने जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी को समंस जारी कर गवाही के लिए उपस्थित होने कहा है। घटना की पहली गवाही जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी की होगी।
उल्लेखनीय है की पिछले साल 18 अक्टूबर 2018 को तत्कालीन नगरीय प्रशासन मंत्री अमर अग्रवाल के निवास पर कचरा फेंकने के बाद कांग्रेस के पदाधिकारी व कार्यकर्ता कांग्रेस भवन में इकठ्ठा हुए थे। उसी वक्त तत्कालीन एडिशनल एसपी नीरज चंद्राकर की अगुवाई में लाठी से लैस पुलिस के जवान पहुंचे और कांग्रेस भवन को घेरकर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों पर जमकर लाठियां भांजी थी । लाठीचार्ज की घटना में महिला नेत्रियों को भी पुलिस ने नहीं बख्शा था। इस घटना के चार महीने बाद शुक्रवार 11 जनवरी से अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी बीएस उइके कोर्ट में सुनवाई प्रारंभ हो रही है। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कोर्र्ट से जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी को समंस जारी कर शुक्रवार दोपहर दो बजे कोर्ट में हाजिर होने कहा गया है। जारी समंस में लिखा है कि चूंकि आपके द्वारा शपथ पत्र प्रस्तुत कर लाठीचार्ज की घटना के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है। आपके साक्ष्य की आवश्यकता है। लिहाजा अभियोजन के लिए तात्विक साक्ष्य दें ।
दंडाधिकारी जांच पर जिलाध्यक्ष के सवाल -
दंडाधिकारी जांच के लिए तय की गई बिंदुओं को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इस जांच आदेश की प्रथम पंक्ति में ही लिखा है कि 18 सितंबर 2018 को जिला शहर कांग्रेस कमेटी बिलासपुर द्वारा तत्कालीन मंत्री अमर अग्रवाल के सिविल लाइन स्थित निजी आवास का घेराव कार्यक्रम निर्धारित था एवं प्रदर्शन के समय पुलिस बल की वहां भारी मौजूदगी, बेरिकेटिंग तथा दंडाधिकारी की उपस्थिति से स्पष्ट है कि जिला प्रशासन को इसकी पूरी जानकारी थी। पुलिस प्रशासन द्वारा कई बस की व्यवस्था कांग्रेजनों की गिरफ्तारी के लिए ही की गई थी। लेकिन शांतिपूर्ण प्रदर्शन के पश्चात कांग्रेस कमेटी द्वारा इस प्रदर्शन को समाप्त कर दिया गया था। प्रदर्शन स्थल पर भीड़ नही अपितु कांग्रेस के कार्यकर्ता थे जो शांतिपूर्वक पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल के बयान कि कांग्रेसी शहर के कचरा हैं का प्रतीकात्मक विरोध कर रहे थे। [वीडियो द्वारा यु ट्यूब, साभार-वेब मोर्चा]
