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[TODAY छत्तीसगढ़ ] /  बिलासपुर विधानसभा से टिकट की मांग करने वाले भाजपा नेता पूरन छाबरिया आज जेल से छूटते ही निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल करने कलेक्टोरेट पहुंचे। नामांकन दाखिले की आज आखरी तारीख थी , लिहाजा जेल से छूटते ही वो दौड़ते भागते कलेक्टोरेट पहुंचे लेकिन जरुरी दस्तावेज और समय की कमी के चलते वो नामांकन दाखिल नहीं कर सके। पिछले दिनों नामांकन फॉर्म लेने के दौरान पुलिस ने पुराने मामलों में गिरफ्तारी वारंट होने की वजह से  उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।
शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में अचानक पूरन छाबरिया दौड़ते भागते पहुंचे, ये दृश्य सभी के लिए हैरानी वाला था क्यूंकि वे जेल में बंद थे। आज नामांकन दाखिल करने की आख़री तारीख थी और निर्धारित समय पूरा होने में सिर्फ दस मिनट बाकी था। दौड़ते-हाँफते छाबरिया निर्वाचन फार्म भरने भीतर तो पहुँच गए लेकिन कुछ कागजात नहीं होने से वे फ़ार्म नहीं भर सके। छाबरिया भाजपा के काफी वरिष्ठ कार्यकर्ता हैं। वे पार्टी से प्रत्याशी बदलने का हवाला देकर टिकट की मांग कर रहे थे। टिकट नहीं मिलने से वे बागी होकर मंत्री अमर अग्रवाल के खिलाफ चुनाव लड़ना चाह रहे थे।   
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