Slider

LATEST NEWS
Loading Latest News...

मिट्टी, खाद और बीज का अनूठा मिश्रण... जानिए बच्चों ने कैसे तैयार किए हज़ारों 'सीड बॉल'

गड्ढा खोदने की ज़रूरत नहीं, बस खाली ज़मीन पर फेंकिए और उग आएगा पौधा...

TODAY छत्तीसगढ़  /  बिलासपुर में पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र (ग्रीन कवर) को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष गतिविधि का आयोजन किया गया. जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) संदीप अग्रवाल ने प्राथमिक शाला तारबाहर के स्कूली बच्चों के साथ मिलकर 'सीड बॉल' (Seed Balls) तैयार किए.

इस दौरान वन और प्रशासनिक अधिकारियों ने बच्चों को प्रकृति संरक्षण, पौधरोपण और जैव विविधता के महत्व के बारे में जानकारी दी. इस अवसर पर संयुक्त संचालक अनिल तिवारी भी उपस्थित थे.

क्या है सीड बॉल तकनीक और इसके फ़ायदे?

कार्यशाला के दौरान स्कूली छात्र-छात्राओं को मिट्टी, गोबर की खाद और बीजों के मिश्रण से सीड बॉल बनाने की व्यावहारिक विधि सिखाई गई.

प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक़, सीड बॉल पर्यावरण को हरा-भरा बनाने का एक बेहद सरल और प्रभावी माध्यम है:

  • रोपण का तरीक़ा: वर्षा ऋतु (मानसून) के दौरान इन सीड बॉल्स को जंगलों, पहाड़ों या खुले बंजर स्थानों पर डाल दिया जाता है.

  • अंकुरण: बारिश का पानी मिलने पर मिट्टी और खाद के भीतर सुरक्षित बीज प्राकृतिक रूप से अंकुरित होने लगते हैं और धीरे-धीरे पौधों का रूप ले लेते हैं. इसमें अलग से गड्ढा खोदकर पौधा लगाने की आवश्यकता नहीं होती.

'पर्यावरण केवल प्रशासन की नहीं, नागरिकों की भी ज़िम्मेदारी'

कार्यक्रम के दौरान बच्चों से सीधा संवाद करते हुए जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण केवल शासन-प्रशासन के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता, बल्कि यह देश के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है. उन्होंने विद्यार्थियों से अपने आस-पास अधिक से अधिक पौधे लगाने और जीवित रखने का संकल्प लेने की अपील की.

अधिकारियों ने ज़ोर देकर कहा कि बच्चों में बचपन से ही प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना आवश्यक है, क्योंकि वे ही आगे चलकर पर्यावरण चेतना के वाहक बनेंगे. सीड बॉल निर्माण के साथ-साथ बच्चों को जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण संतुलन के प्रति भी जागरूक किया गया. इस कार्यक्रम में स्कूल के शिक्षक, शिक्षा विभाग के कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए.

© all rights reserved TODAY छत्तीसगढ़ 2018
todaychhattisgarhtcg@gmail.com