➤ पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोमवार को अपने मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के पाकिस्तान दौरे को उनके 'सोचने का तरीका' बताया। कैप्टन करतारपुर कॉरिडोर की आधारशिला रखे जाने के मौके पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जिस समय पर सीमा पार की गोलियों से हमारे सैनिक और आम नागरिक मारे जा रहे हों, ऐसे समय पर वह ऐसा (पाकिस्तान जाने) करने के बारे में सोच भी नहीं सकते। पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने पाक द्वारा बुधवार को होने वाले समारोह का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है, वहीं कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस निमंत्रण से किनारा कर लिया है। कैप्टन ने सीमा पार से उनके राज्य में फैलाए जा रहे आतंकवाद को इसके पीछे की वजह बताया है। अपने पाक दौरे के फैसले का बचाव करते हुए सिद्धू ने करतारपुर कॉरिडोर के लिए दोनों देशों की सरकारों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि ऐसे कदम से ही दोनों देशों के बीच शांति की शुरुआत हो सकती है। सिद्धू ने कहा, 'यह दोनों देशों की सरकारों द्वारा उठाया गया अच्छा कदम है। मैं हमेशा कहता हूं कि आप लोग एक कदम बढ़ाइए, वे लोग दो कदम बढ़ाएंगे। अब आपने एक कदम उठाया, अगले दिन ही उन लोगों ने इसका उद्घाटन करने का ऐलान कर दिया।'
➤ राम मंदिर निर्माण को लेकर अयोध्या में विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) और और शिवसेना द्वारा बुलाई गई 'धर्म सभा' के दौरान शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा था कि चुनाव प्रचार के दौरान मंदिर मुद्दे का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए और हिन्दुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ भी नहीं किया जाना चाहिए। वहीं केन्द्रीय मंत्री और बीजेपी की नेता उमा भारती ने उद्धव ठाकरे की तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि राम मंदिर पर बीजेपी का अकेले पेटेंट नहीं है। भगवान राम सबके हैं। उमा भारती ने कहा कि वह समाजवादी पार्टी, बसपा, अकाली दल, ओवैसी और आजम खान जैसों से राम मंदिर निर्माण के लिए आगे आने की अपील करती हैं।
➤ केंद्र की मोदी सरकार की पहल पर सोमवार को उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने करतारपुर साहिब गलियारे की नींव रखी. लेकिन बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी मे सरकार की इस पहल पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्वामी का मानना है कि करतारपुर गलियारा एक खतरनाक कदम है जिसका पाकिस्तान द्वारा गलत इस्तेमाल किया जा सकता है.बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा, 'करतारपुर गलियारा एक खतरनाक कदम है, जिसका गलत इस्तेमाल हो सकता है, क्योंकि वहां चेकिंग की सही व्यवस्था नहीं, महज पासपोर्ट दिखाना काफी नहीं है. उन्होंने कहा कि किसी को भी 250 रुपये में चांदनी चौक से पासपोर्ट मिल सकता है. स्वामी ने सलाह दी कि लोगों को 6 महीने पहले अपना रजिस्ट्रेशन कराना चाहिए और हमें पाकिस्तान के लोगों यहां आने की इजाजत नहीं देनी चाहिए.' गौरतलब है कि सोमवार को उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने डेरा बाबा नानक-करतारपुर साहिब सड़क गलियारे की आधारशिला रखी. यह सड़क गुरदासपुर जिले के मान गांव से पाकिस्तान से लगने वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा तक जाएगी. इस मौके पर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह मौजूद रहे. दरअसल, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान 28 नवंबर को अपने क्षेत्र में इस कॉरिडोर की नींव रखेंगे. इस मौके पर पाकिस्तान की ओर से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, कैप्टन अमरिंदर और पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को न्योता दिया गया है. लेकिन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह अलग-अलग कारण बताते हुए पाकिस्तान के इस न्योते को ठुकरा दिया. हालांकि, भारत सरकार की ओर से हरसिमरत कौर पाकिस्तान जाएंगी. वहीं सिद्धू ने इस कार्यक्रम के लिए पाकिस्तान का निमंत्रण सहर्ष स्वीकार कर लिया और जाने के लिए हामी भरी है.भारत सरकार ने 2019 में गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में करतारपुर सड़क गलियारे के निर्माण के लिए 22 नवंबर, 2018 को फैसला किया. इस सड़क का निर्माण भारत-पाकिस्तान सीमा तक एकीकृत विकास परियोजना के रूप में किया जाएगा. इस गलियारे के निर्माण से सिख श्रद्धालु पाकिस्तान में रावी नदी के तट पर स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब में मत्था टेक सकेंगे. इस मौके पर कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि बतौर सिख वे पाकिस्तान में होने वाले कार्यक्रम में जाना चाहता था. लेकिन पाकिस्तान लगातार हमारे जवानों-लोगों को मार रहा है, कुछ दिन पहले ही अमृतसर के एक गांव में ग्रेनेड फेंका गया. ऐसे में किस तरह पाकिस्तान चला जाऊं.
➤ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को पुष्कर के सरोवर घाट पर पूजा अर्चना की. इसके अलावा उन्होंने वहां स्थित ब्रह्मा मंदिर में दर्शन भी किए. सरोवर घाट पर पूजा करवाने वाले एक पुजारी ने दावा किया कि राहुल का गोत्र दत्तात्रेय है और वह कश्मीरी ब्राह्मण हैं. पुजारी दीनानाथ कौल ने मीडिया को बताया कि उनके पास इस परिवार का पूरा रिकार्ड पोथी में दर्ज है. इसमें इस परिवार की वंशावली है. पुजारी के अनुसार उनके पूर्वजों ने ही मोती लाल नेहरू, जवाहर लाल नेहरू व इस परिवार के अन्य सदस्यों को यहां पूजा करवाई थी. पुजारी का कहना है, 'इनकी गोत्र दत्तात्रेय हैं और वह कश्मीरी ब्राह्मण हैं. मोती लाल नेहरू, जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, संजय गांधी, मेनका गांधी व सोनिया गांधी ने घाट पर आकर पूजा की इसका रिकार्ड (पोथी) हमारे पास है.'
➤ एयरसेल मैक्सिस केस में पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. सोमवार को इस मामले की सुनवाई हुई, जिसमें केंद्र सरकार ने चिदंबरम के खिलाफ मुकदमा चलाने को मंजूरी दे दी है. पटियाला हाउस कोर्ट में आज हुई सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से पेश हुए तुषार मेहता ने कहा कि कुल 18 आरोपियों में से 11 आरोपियों पर मुकदमा चलाने की मंजूरी मिल चुकी है, जिसमें पी. चिदंबरम भी शामिल हैं. इस मामले में ईडी की तरफ से बाकी बचे आरोपियों पर मुकद्दमा चलाने की मंजूरी के लिए कोर्ट से कुछ और समय मांगा गया है. तुषार मेहता ने कहा कि विदेशों से पैसे के ट्रांसफर को लेकर चिदंबरम समेत कुछ लोगों का कस्टोडियल इंटेरोगेशन जरूरी है. लेकिन पहले हम बाकी के 7 आरोपियों पर ट्रायल शुरू करने के लिए अलग-अलग विभागों से सेंगशन ले रहे है. इस मामले की अगली सुनवाई अब 18 दिसंबर को होगी. तुषार मेहता ने कहा कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने जांच को मिस लीड किया. इसी के साथ ही पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार 18 दिसंबर तक के लिए टल गई है. पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर एयरसेल-मैक्सिस को एफडीआई के अनुमोदन के लिए आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी को नजरअंदाज कर दिया था. ED के मुताबिक एयरसेल-मैक्सिस डील में तत्कालीन वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कैबिनेट कमेटी की अनुमति के बिना ही मंजूरी दी थी, जबकि ये डील 3500 करोड़ रुपये की थी.
➤ मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि पहली और दूसरी के छात्रों को होमवर्क ना दिया जाए। उनके बस्ते का वजन भी डेढ़ किलोग्राम से ज्यादा नहीं होना चाहिए। मंत्रालय ने पहली से दसवीं क्लास तक के बच्चों के बस्तों का वजन भी तय कर दिया है। देशभर के स्कूलों को ये निर्देश जारी किए गए हैं। मंत्रालय के मुताबिक, विषयों की पढ़ाई और बस्तों के वजन को केंद्र सरकार के निर्देशों के हिसाब से ही नियंत्रित किया जाए। शिक्षण संस्थान पहली और दूसरी क्लास के बच्चों को होमवर्क नहीं दे सकते। निर्देशों में कहा गया- पहली और दूसरी क्लास के बच्चों के लिए भाषा और गणित के अलावा कोई दूसरा विषय तय नहीं किया जाना चाहिए। तीसरी से पांचवीं तक एनसीईआरटी द्वारा तय भाषा, गणित और पर्यावरण विज्ञान के अलावा दूसरे विषय नहीं पढ़ाने चाहिए। मंत्रालय ने स्कूलों से कहा कि छात्रों को अतिरिक्त किताबें और सामान लाने को नहीं कहा जा सकता। बस्ते का वजन भी तय सीमा से अधिक नहीं होना चाहिए। पहली और दूसरी क्लास के बच्चों के बस्तों का वजन 1.5 किलो से ज्यादा नहीं होना चाहिए। तीसरी से पांचवीं तक बस्तों के वजन की सीमा 2 से 3 किलो तय की गई है। छठी और सातवीं क्लास तक बस्ते का वजन 4 किलो से ज्यादा नहीं होना चाहिए। आठवीं और नौवीं तक ये सीमा 4.5 किलो है। 10वीं के छात्रों का बस्ता 5 किलो से ज्यादा भारी नहीं होना चाहिए।
➤ मुंबई हमले के दोषियों को अभी तक बचाने वाले पाकिस्तान की मुश्किलें आने वाले दिनों में बढ़ सकती है। 26 नवंबर, 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले की 10वीं वर्षगांठ पर भारत और अमेरिका ने जिस तरह से एक स्वर में पाकिस्तान के स्तर पर दोषियों को सजा देने में की जाने वाली आनाकानी पर आपत्ति जताई है वह दरअसल इन दोनो देशों के बीच एक सोची समझी रणनीति का हिस्सा है। भारत व अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि वे लश्करे-तैयबा व इसके जैसे दूसरे आतंकी संगठनों पर लगाम लगाने में असफल रहे पाकिस्तान पर संयुक्त राष्ट्र के जरिए नकेल कसने का कदम उठा सकते हैं। इस बारे में दोनो देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच इस बारे में लगातार विमर्श का दौर चल रहा है। सोमवार को अमेरिका के विदेश सचिव माइकल पोम्पिओ ने ट्विट कर मुंबई हमले के दोषियों को अभी तक सजा नहीं मिलने पर पाकिस्तान की मंशा पर सीधे तौर पर सवाल उठा दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका मुंबई हमले में मारे गये छह अमेरिकी नागरिकों समेत अन्य मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना जताता है। दस वर्ष बाद भी जिन लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया था उन्हें सजा नहीं मिल पाई है। उन्होंने इस घटना के साजिशकर्ता लश्करे-तैयबा समेत अन्य आतंकी संगठनों पर संयुक्त राष्ट्र की तरफ से जारी आदेश के तहत लगाम लगाने में असफल रहे सभी देशों, खास तौर पर पाकिस्तान का नाम ले कर कहा है कि वह उपयुक्त कदम उठायें। इसके साथ ही विदेश सचिव पोम्पिओ ने मुंबई हमले की साजिश रचने वाले या उसे अंजाम देने वालों के बारे में अतिरिक्त सूचना देने या उन्हें गिरफ्तार करवाने वालों को 50 लाख डॉलर की राशि के ईनाम की घोषणा की है।
➤ राम मंदिर निर्माण को लेकर अयोध्या में विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) और और शिवसेना द्वारा बुलाई गई 'धर्म सभा' के दौरान शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा था कि चुनाव प्रचार के दौरान मंदिर मुद्दे का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए और हिन्दुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ भी नहीं किया जाना चाहिए। वहीं केन्द्रीय मंत्री और बीजेपी की नेता उमा भारती ने उद्धव ठाकरे की तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि राम मंदिर पर बीजेपी का अकेले पेटेंट नहीं है। भगवान राम सबके हैं। उमा भारती ने कहा कि वह समाजवादी पार्टी, बसपा, अकाली दल, ओवैसी और आजम खान जैसों से राम मंदिर निर्माण के लिए आगे आने की अपील करती हैं।
➤ केंद्र की मोदी सरकार की पहल पर सोमवार को उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने करतारपुर साहिब गलियारे की नींव रखी. लेकिन बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी मे सरकार की इस पहल पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्वामी का मानना है कि करतारपुर गलियारा एक खतरनाक कदम है जिसका पाकिस्तान द्वारा गलत इस्तेमाल किया जा सकता है.बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा, 'करतारपुर गलियारा एक खतरनाक कदम है, जिसका गलत इस्तेमाल हो सकता है, क्योंकि वहां चेकिंग की सही व्यवस्था नहीं, महज पासपोर्ट दिखाना काफी नहीं है. उन्होंने कहा कि किसी को भी 250 रुपये में चांदनी चौक से पासपोर्ट मिल सकता है. स्वामी ने सलाह दी कि लोगों को 6 महीने पहले अपना रजिस्ट्रेशन कराना चाहिए और हमें पाकिस्तान के लोगों यहां आने की इजाजत नहीं देनी चाहिए.' गौरतलब है कि सोमवार को उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने डेरा बाबा नानक-करतारपुर साहिब सड़क गलियारे की आधारशिला रखी. यह सड़क गुरदासपुर जिले के मान गांव से पाकिस्तान से लगने वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा तक जाएगी. इस मौके पर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह मौजूद रहे. दरअसल, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान 28 नवंबर को अपने क्षेत्र में इस कॉरिडोर की नींव रखेंगे. इस मौके पर पाकिस्तान की ओर से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, कैप्टन अमरिंदर और पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को न्योता दिया गया है. लेकिन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह अलग-अलग कारण बताते हुए पाकिस्तान के इस न्योते को ठुकरा दिया. हालांकि, भारत सरकार की ओर से हरसिमरत कौर पाकिस्तान जाएंगी. वहीं सिद्धू ने इस कार्यक्रम के लिए पाकिस्तान का निमंत्रण सहर्ष स्वीकार कर लिया और जाने के लिए हामी भरी है.भारत सरकार ने 2019 में गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में करतारपुर सड़क गलियारे के निर्माण के लिए 22 नवंबर, 2018 को फैसला किया. इस सड़क का निर्माण भारत-पाकिस्तान सीमा तक एकीकृत विकास परियोजना के रूप में किया जाएगा. इस गलियारे के निर्माण से सिख श्रद्धालु पाकिस्तान में रावी नदी के तट पर स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब में मत्था टेक सकेंगे. इस मौके पर कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि बतौर सिख वे पाकिस्तान में होने वाले कार्यक्रम में जाना चाहता था. लेकिन पाकिस्तान लगातार हमारे जवानों-लोगों को मार रहा है, कुछ दिन पहले ही अमृतसर के एक गांव में ग्रेनेड फेंका गया. ऐसे में किस तरह पाकिस्तान चला जाऊं.
➤ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को पुष्कर के सरोवर घाट पर पूजा अर्चना की. इसके अलावा उन्होंने वहां स्थित ब्रह्मा मंदिर में दर्शन भी किए. सरोवर घाट पर पूजा करवाने वाले एक पुजारी ने दावा किया कि राहुल का गोत्र दत्तात्रेय है और वह कश्मीरी ब्राह्मण हैं. पुजारी दीनानाथ कौल ने मीडिया को बताया कि उनके पास इस परिवार का पूरा रिकार्ड पोथी में दर्ज है. इसमें इस परिवार की वंशावली है. पुजारी के अनुसार उनके पूर्वजों ने ही मोती लाल नेहरू, जवाहर लाल नेहरू व इस परिवार के अन्य सदस्यों को यहां पूजा करवाई थी. पुजारी का कहना है, 'इनकी गोत्र दत्तात्रेय हैं और वह कश्मीरी ब्राह्मण हैं. मोती लाल नेहरू, जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, संजय गांधी, मेनका गांधी व सोनिया गांधी ने घाट पर आकर पूजा की इसका रिकार्ड (पोथी) हमारे पास है.'
➤ एयरसेल मैक्सिस केस में पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. सोमवार को इस मामले की सुनवाई हुई, जिसमें केंद्र सरकार ने चिदंबरम के खिलाफ मुकदमा चलाने को मंजूरी दे दी है. पटियाला हाउस कोर्ट में आज हुई सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से पेश हुए तुषार मेहता ने कहा कि कुल 18 आरोपियों में से 11 आरोपियों पर मुकदमा चलाने की मंजूरी मिल चुकी है, जिसमें पी. चिदंबरम भी शामिल हैं. इस मामले में ईडी की तरफ से बाकी बचे आरोपियों पर मुकद्दमा चलाने की मंजूरी के लिए कोर्ट से कुछ और समय मांगा गया है. तुषार मेहता ने कहा कि विदेशों से पैसे के ट्रांसफर को लेकर चिदंबरम समेत कुछ लोगों का कस्टोडियल इंटेरोगेशन जरूरी है. लेकिन पहले हम बाकी के 7 आरोपियों पर ट्रायल शुरू करने के लिए अलग-अलग विभागों से सेंगशन ले रहे है. इस मामले की अगली सुनवाई अब 18 दिसंबर को होगी. तुषार मेहता ने कहा कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने जांच को मिस लीड किया. इसी के साथ ही पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार 18 दिसंबर तक के लिए टल गई है. पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर एयरसेल-मैक्सिस को एफडीआई के अनुमोदन के लिए आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी को नजरअंदाज कर दिया था. ED के मुताबिक एयरसेल-मैक्सिस डील में तत्कालीन वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कैबिनेट कमेटी की अनुमति के बिना ही मंजूरी दी थी, जबकि ये डील 3500 करोड़ रुपये की थी.
➤ मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि पहली और दूसरी के छात्रों को होमवर्क ना दिया जाए। उनके बस्ते का वजन भी डेढ़ किलोग्राम से ज्यादा नहीं होना चाहिए। मंत्रालय ने पहली से दसवीं क्लास तक के बच्चों के बस्तों का वजन भी तय कर दिया है। देशभर के स्कूलों को ये निर्देश जारी किए गए हैं। मंत्रालय के मुताबिक, विषयों की पढ़ाई और बस्तों के वजन को केंद्र सरकार के निर्देशों के हिसाब से ही नियंत्रित किया जाए। शिक्षण संस्थान पहली और दूसरी क्लास के बच्चों को होमवर्क नहीं दे सकते। निर्देशों में कहा गया- पहली और दूसरी क्लास के बच्चों के लिए भाषा और गणित के अलावा कोई दूसरा विषय तय नहीं किया जाना चाहिए। तीसरी से पांचवीं तक एनसीईआरटी द्वारा तय भाषा, गणित और पर्यावरण विज्ञान के अलावा दूसरे विषय नहीं पढ़ाने चाहिए। मंत्रालय ने स्कूलों से कहा कि छात्रों को अतिरिक्त किताबें और सामान लाने को नहीं कहा जा सकता। बस्ते का वजन भी तय सीमा से अधिक नहीं होना चाहिए। पहली और दूसरी क्लास के बच्चों के बस्तों का वजन 1.5 किलो से ज्यादा नहीं होना चाहिए। तीसरी से पांचवीं तक बस्तों के वजन की सीमा 2 से 3 किलो तय की गई है। छठी और सातवीं क्लास तक बस्ते का वजन 4 किलो से ज्यादा नहीं होना चाहिए। आठवीं और नौवीं तक ये सीमा 4.5 किलो है। 10वीं के छात्रों का बस्ता 5 किलो से ज्यादा भारी नहीं होना चाहिए।
➤ मुंबई हमले के दोषियों को अभी तक बचाने वाले पाकिस्तान की मुश्किलें आने वाले दिनों में बढ़ सकती है। 26 नवंबर, 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले की 10वीं वर्षगांठ पर भारत और अमेरिका ने जिस तरह से एक स्वर में पाकिस्तान के स्तर पर दोषियों को सजा देने में की जाने वाली आनाकानी पर आपत्ति जताई है वह दरअसल इन दोनो देशों के बीच एक सोची समझी रणनीति का हिस्सा है। भारत व अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि वे लश्करे-तैयबा व इसके जैसे दूसरे आतंकी संगठनों पर लगाम लगाने में असफल रहे पाकिस्तान पर संयुक्त राष्ट्र के जरिए नकेल कसने का कदम उठा सकते हैं। इस बारे में दोनो देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच इस बारे में लगातार विमर्श का दौर चल रहा है। सोमवार को अमेरिका के विदेश सचिव माइकल पोम्पिओ ने ट्विट कर मुंबई हमले के दोषियों को अभी तक सजा नहीं मिलने पर पाकिस्तान की मंशा पर सीधे तौर पर सवाल उठा दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका मुंबई हमले में मारे गये छह अमेरिकी नागरिकों समेत अन्य मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना जताता है। दस वर्ष बाद भी जिन लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया था उन्हें सजा नहीं मिल पाई है। उन्होंने इस घटना के साजिशकर्ता लश्करे-तैयबा समेत अन्य आतंकी संगठनों पर संयुक्त राष्ट्र की तरफ से जारी आदेश के तहत लगाम लगाने में असफल रहे सभी देशों, खास तौर पर पाकिस्तान का नाम ले कर कहा है कि वह उपयुक्त कदम उठायें। इसके साथ ही विदेश सचिव पोम्पिओ ने मुंबई हमले की साजिश रचने वाले या उसे अंजाम देने वालों के बारे में अतिरिक्त सूचना देने या उन्हें गिरफ्तार करवाने वालों को 50 लाख डॉलर की राशि के ईनाम की घोषणा की है।


